
आसनसोल : इस वर्ष शीतकालीन संसदीय सत्र का शुभारंभ सोमवार को दिल्ली में होने जा रहा है। इस सत्र में प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आसनसोल के वरिष्ठ व्यवसायी सुरेन जालान ने उक्त विधेयक को राष्ट्रहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसे सभी समुदायों के लिए लाभकारी करार दिया।
श्री जालान ने कहा कि वक्फ संपत्तियों का राजनीतिक उपयोग लंबे समय से कुछ परिवारवादी नेताओं और उनके सहयोगी दलों द्वारा अपने हितों के लिए किया जा रहा है। इन नेताओं ने वक्फ संपत्तियों को दरगाह, यतीमखाने, और अन्य सामाजिक उपयोगों के स्थान पर अपने निजी सुख-सुविधाओं के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने इसे देशहित के विरुद्ध बताते हुए कहा कि वक्फ का विषय कोई धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा रहा है।

श्री जालान ने आगे कहा कि वक्फ संपत्तियों का लाभ कभी भी गरीब, बेसहारा, या अपाहिज मुस्लिम परिवारों तक नहीं पहुंचा। यह विधेयक ऐसे भेदभावपूर्ण कृत्यों पर रोक लगाने का प्रयास करेगा। उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका समर्थन केवल राष्ट्रहित और विकास के लिए होगा।
उन्होंने जनता से अपील की कि वक्फ संशोधन विधेयक को सामूहिक सहमति से पारित कराने में सहयोग करें। उन्होंने कहा, “यह विधेयक हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, और समाज के पिछड़े तथा कमजोर वर्गों को उनका हक दिलाने में सहायक होगा। इससे समाज में समानता और भाईचारे का माहौल बनेगा।”

श्री जालान ने हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता को नेताओं के बहकावे से बचकर कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग देना चाहिए। उन्होंने एनडीटीवी के चर्चित कार्यक्रम “कॉफी पर कुरुक्षेत्र” देखने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे विधेयक की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी।
“सबका साथ, सबका विकास” के संदेश के साथ उन्होंने इस विधेयक को राष्ट्रनिर्माण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया।















Users Today : 62
Users Yesterday : 34