दुर्गापुर में घुसपैठ बयान पर भाजपा-तृणमूल में तीखा संग्राम

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दुर्गापुर :  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच शनिवार को दुर्गापुर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह ने एक बार फिर घुसपैठ का मुद्दा उठाया। उनके बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया।

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दुर्गापुर में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश से अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिकता है तथा इस विषय पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अमित शाह के इस बयान के बाद राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने मोर्चा संभाल लिया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य सचिव वी. शिवदासन दासु ने सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों का अभाव है, इसलिए वह बार-बार घुसपैठ जैसे विषयों को उठाकर चुनावी लाभ लेने का प्रयास कर रही है।

दासु ने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल की जनता के सामने रोजगार, उद्योग, महंगाई, किसान समस्याओं और सामाजिक विकास जैसे विषयों पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता समझदार है और केवल भावनात्मक नारों से प्रभावित नहीं होगी।

तृणमूल नेता ने यह भी कहा कि चुनाव के समय बाहरी नेता बंगाल आते हैं, बड़े-बड़े दावे करते हैं और मतदान के बाद लौट जाते हैं। उनके अनुसार बंगाल की जनता स्थानीय मुद्दों पर निर्णय करती है और बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करती।

उन्होंने भाजपा के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें पार्टी वर्ष 2026 में राज्य में सरकार बनाने की बात कर रही है। दासु ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य की जनता एकजुट है और विकास कार्यों के आधार पर तृणमूल कांग्रेस को समर्थन मिल रहा है।

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दासु ने दावा किया कि राज्य में सामाजिक सौहार्द, कल्याणकारी योजनाएं और महिला सशक्तिकरण के कारण जनता सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति बंगाल की सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक ताने-बाने के अनुकूल नहीं है।

राजनीतिक टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने अतीत में लंबे समय तक सत्ता में रही वाम सरकार को पराजित किया था। ऐसे में भाजपा को हराना कोई कठिन कार्य नहीं होगा। उनके अनुसार भाजपा केवल बड़े दावों और प्रचार के सहारे राजनीतिक जमीन तलाश रही है।

दूसरी ओर भाजपा नेताओं का कहना है कि बंगाल में परिवर्तन की लहर चल रही है और जनता भ्रष्टाचार, बेरोजगारी तथा कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर बदलाव चाहती है। पार्टी का दावा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ गंभीर समस्या है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

दुर्गापुर और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को इस बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा गर्म रही। चाय दुकानों, बाजारों और जनसभाओं में भाजपा तथा तृणमूल समर्थकों के बीच तीखी बहसें देखने को मिलीं।

विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के अंतिम चरण में ऐसे बयान मतदाताओं को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा होते हैं। भाजपा जहां राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाई मुद्दों को केंद्र में ला रही है, वहीं तृणमूल स्थानीय विकास और बंगाली अस्मिता को प्रमुखता दे रही है।

अब देखना यह होगा कि जनता इन मुद्दों को किस नजर से देखती है। फिलहाल शनिवार को दुर्गापुर में हुए इस राजनीतिक संग्राम ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।

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