दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच दुर्गापुर में गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में चुनाव प्रचार कर सबका ध्यान आकर्षित किया। स्टील सिटी के रामकृष्ण एवेन्यू क्षेत्र के वार्ड संख्या नौ में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने के लिए ‘सांप-सीढ़ी’ आधारित विशेष बोर्ड का उपयोग किया। इस अनूठे अभियान की पूरे इलाके में चर्चा रही।
तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे रुकने वाले राहगीरों, बाइक चालकों और स्थानीय नागरिकों को विशेष रूप से तैयार किए गए खेल बोर्ड वितरित किए। साथ ही तेज गर्मी को देखते हुए लोगों को शीतल पेय भी दिया गया। इस अभियान का उद्देश्य मतदाताओं तक सहज और मनोरंजक तरीके से संदेश पहुंचाना बताया गया।
वितरित किए गए बोर्ड सामान्य खेल बोर्ड जैसे नहीं थे। इनमें सांप के हिस्से में भाजपा के शीर्ष नेताओं के कार्टून चित्र लगाए गए थे, जबकि सीढ़ियों के हिस्से में राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के चित्र दर्शाए गए थे। तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया।
स्थानीय तृणमूल नेताओं का कहना था कि यह अभियान केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का माध्यम है। उनका दावा था कि आम आदमी तक सरल भाषा में संदेश पहुंचाने के लिए यह तरीका प्रभावी साबित हो सकता है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीति केवल भाषणों और सभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि रचनात्मक तरीकों से भी जनता तक पहुंचा जा सकता है। इस पहल के माध्यम से लोगों में रुचि भी पैदा हुई और कई नागरिकों ने इसे दिलचस्प बताया।
कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि पहली बार उन्होंने चुनाव प्रचार का ऐसा तरीका देखा है। कई लोगों ने खेल बोर्ड लेकर तस्वीरें खिंचवाईं और हंसी-मजाक के बीच चुनावी चर्चा भी होती रही। बच्चों और युवाओं में भी इस बोर्ड को लेकर उत्सुकता देखी गई।
तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने विश्वास जताया कि इससे दुर्गापुर पूर्व क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी और राज्य मंत्री Pradip Majumdar के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनेगा। उनका कहना था कि जनता विकास कार्यों के आधार पर निर्णय करेगी।
दूसरी ओर भाजपा ने इस अभियान की आलोचना की। भाजपा जिला प्रवक्ता Sumanta Mondal ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के पास उपलब्धियों की कमी है, इसलिए वह ऐसे प्रतीकात्मक कार्यक्रमों का सहारा ले रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता इस बार परिवर्तन चाहती है और भाजपा को समर्थन देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में प्रतीकात्मक प्रचार हमेशा प्रभावशाली रहा है। पोस्टर, रैलियों, पदयात्राओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद अब खेल आधारित प्रचार भी चुनावी रणनीति का हिस्सा बन रहा है।
दुर्गापुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र में जहां शहरी मतदाता बड़ी संख्या में हैं, वहां इस प्रकार के अभियान चर्चा तो बटोरते ही हैं, साथ ही राजनीतिक संवाद को नया रूप भी देते हैं। हालांकि इसका वास्तविक असर मतदान के दिन ही स्पष्ट होगा।
चुनाव नजदीक आने के साथ सभी दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं। कोई जनसभाएं कर रहा है, कोई घर-घर संपर्क, तो कोई रचनात्मक प्रचार के जरिए लोगों को आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है।

















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