अंडाल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शनिवार को अंडाल क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी बरामद की। जांच के दौरान 50 लाख रुपये नकद के साथ बिहार के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया। इस घटना के बाद चुनावी माहौल में हलचल तेज हो गई है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान गुड्डू रॉय और तपन कुमार मित्रा के रूप में हुई है। रेलवे पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात दोनों युवक बिहार से ट्रेन के माध्यम से दुर्गापुर स्टेशन पहुंचे थे। रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के जवान नियमित जांच अभियान चला रहे थे। इसी दौरान दोनों युवक बड़े बैग के साथ संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों को उनके व्यवहार पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्हें रोककर पूछताछ की गई।

प्रारंभिक पूछताछ में दोनों युवक नकदी के संबंध में संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इसके बाद अधिकारियों ने उनके बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बैग से नोटों के बंडल बरामद हुए। गिनती करने पर कुल 50 लाख रुपये नकद पाए गए। इतनी बड़ी राशि मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत नकदी जब्त कर ली और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया।
जांच एजेंसियों के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि दोनों युवक दुर्गापुर स्टेशन पर उतरने के बाद आगे हावड़ा जाने की तैयारी में थे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह राशि कहां से लाई गई थी, किसे पहुंचाई जानी थी और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। पुलिस अब इन सभी बिंदुओं पर गहन जांच कर रही है।

चुनाव से पहले इतनी बड़ी नकदी मिलने के कारण राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस राशि का उपयोग चुनावी गतिविधियों में किया जाना था। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चुनाव अवधि के दौरान नकदी, शराब, अवैध सामग्री और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सीमावर्ती मार्गों पर जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी सतर्कता के कारण यह बरामदगी संभव हो सकी।
सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपियों से आयकर विभाग, चुनाव निगरानी टीम और अन्य संबंधित एजेंसियां भी पूछताछ कर सकती हैं। यदि नकदी के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि बरामद राशि के स्रोत की पुष्टि होने तक इसे जब्त रखा जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने भी कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि चुनाव से पहले इस तरह की सख्ती जरूरी है, ताकि निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता से मतदाताओं में भरोसा बढ़ा है।















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