अंडाल : आसनसोल के काजोड़ा क्षेत्र स्थित सेंट्रल काजोड़ा कोलियरी में एक अत्यंत गंभीर एवं अविश्वसनीय मामला प्रकाश में आया है। जहां सामान्यतः खनन दुर्घटनाओं के समय एंबुलेंस की अनुपलब्धता की शिकायतें सामने आती हैं, वहीं यहां एंबुलेंस का उपयोग विस्फोटक परिवहन हेतु किया जा रहा है। इस घटना से न केवल ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) प्रशासन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा है, बल्कि क्षेत्र में आक्रोश की लहर भी व्याप्त हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, इस चौंकाने वाले रहस्योद्घाटन की पुष्टि स्वयं एंबुलेंस चालक ने की है। चालक ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि कोलियरी प्रबंधन के दबाव में उसे यह जोखिमपूर्ण कार्य करने के लिए बाध्य किया गया। उसके अनुसार, कोलियरी के प्रबंधक ने जबरन आदेश दिया कि चिकित्सा आपातकालीन वाहन का उपयोग विस्फोटकों की ढुलाई के लिए किया जाए। यह मामला कोयला क्षेत्र की सुरक्षा नीतियों एवं श्रम कानूनों के घोर उल्लंघन का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

स्थानीय खनिकों एवं जनसामान्य में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि यह केवल नियमों की अवहेलना मात्र नहीं, बल्कि खनिकों एवं स्थानीय निवासियों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है। एंबुलेंस का मूल उद्देश्य संकटग्रस्त श्रमिकों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है, किंतु इसका दुरुपयोग कर इसे विस्फोटक परिवहन का माध्यम बनाना एक आपराधिक कृत्य है।

इस प्रकरण पर जब ईसीएल अधिकारियों से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने पूर्णतः मौन साध लिया। प्रशासन की यह चुप्पी कई अनुत्तरित प्रश्न एवं संदेह उत्पन्न कर रही है। क्षेत्रीय जनमानस एवं श्रमिक संगठनों ने इस गंभीर अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि ईसीएल प्रबंधन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या दोषियों पर कोई कार्रवाई होती है अथवा नहीं।















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