नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर अवकाश रद्द, विरोध में उबाल

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चित्तरंजन :  चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना प्रशासन ने वर्ष 2025 में 23 जनवरी को होने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर निर्धारित अवकाश को रद्द कर दिया है। यह निर्णय 2020 की घटना की पुनरावृत्ति प्रतीत हो रहा है, जब भारी विरोध और आंदोलन के बाद प्रशासन ने यह आश्वासन दिया था कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस (23 जनवरी) और देशबंधु चित्तरंजन दास (5 नवंबर) की जयंती पर अवकाश को कभी रद्द नहीं किया जाएगा।

इस वर्ष फिर से अवकाश रद्द करने के निर्णय से चित्तरंजन रेल नगर में विरोध की लहर दौड़ गई है। चित्तरंजन रेलवे मैन कांग्रेस (सीआरएमसी) के नेता इंद्रजीत सिंह ने इसे सीधे बंगाली भावनाओं और महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी की स्मृति पर कुठाराघात करार दिया। उन्होंने इस कदम को नेताजी के योगदान को मिटाने का प्रयास बताया।

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सीआरएमसी ने इस निर्णय के विरोध में चित्तरंजन रेल प्रशासन को लिखित रूप से अवकाश पुनः बहाल करने की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो 22 जनवरी को सभी कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगे। साथ ही, 23 जनवरी को जीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

इंद्रजीत सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों पर एकतरफा थोपा गया है। 2024 में यूनियन को चुनाव के माध्यम से रेलवे प्रशासन की मान्यता मिलने के बावजूद, इस विषय पर किसी भी प्रकार की चर्चा नहीं की गई। उन्होंने इसे कर्मचारियों के अधिकारों का हनन और उनके भावनात्मक जुड़ाव पर प्रहार बताया।

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उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी परिस्थिति में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे राष्ट्रीय नायक का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। रेल प्रशासन के इस निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल असंवेदनशील है, बल्कि इतिहास और राष्ट्रभक्ति के प्रति असम्मानजनक भी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस विरोध के बीच क्या कदम उठाता है।

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