
रानीगंज : महावीर कोलियरी के यादव पाड़ा निवासी 38 वर्षीय भीष्म रॉय शुक्रवार तड़के कुनुस्तोरिया क्षेत्र के नॉर्थ सीयरसोल ओसीपी के समीप स्थित 120 फीट गहरे परित्यक्त अवैध कोयला खदान के मुहाने पर फिसलकर गिर गए। यह घटना सुबह लगभग 4:30 बजे घटी, जिसे जमुरिया क्षेत्र के निवासियों ने देखा।
घटना की सूचना मिलते ही जमुरिया थाना, रानीगंज थाना के पंजाबी मोड़ चौकी की पुलिस, और रानीगंज अग्निशमन विभाग की विशेष टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, खदान की अत्यधिक गहराई और जर्जर स्थिति के कारण बचाव कार्य आरंभ करना मुश्किल साबित हो रहा है।

अवैध खदान में जानलेवा गैस की आशंका
यह खदान लंबे समय से परित्यक्त और अवैध रूप से संचालित थी। स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों का अनुमान है कि खदान में जानलेवा गैस हो सकती है, जिससे बचाव कार्य और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गया है। खदान की गहराई 120 से 130 फीट बताई जा रही है, और इसकी स्थिति अत्यंत खतरनाक है।
स्थानीय नेताओं और निवासियों की मांग
घटना स्थल पर वार्ड संख्या 37 के पार्षद और तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष रूपेश यादव, कोयला खदान श्रमिक तृणमूल ट्रेड यूनियन के नेता लालू माजी सहित अन्य स्थानीय नेता पहुंचे। उन्होंने लापता व्यक्ति को शीघ्र खोजने की मांग की और ईसीएल अधिकारियों पर सवाल उठाए कि इस खतरनाक अवैध खदान को अब तक क्यों नहीं भरा गया।
प्रशासन की असफलता पर सवाल
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और ईसीएल प्रबंधन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि ऐसी खतरनाक खदानें लंबे समय से बंद होने के बावजूद खुली क्यों छोड़ दी गईं। यह प्रशासन की लापरवाही और आम जनता की सुरक्षा के प्रति उदासीनता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

बचाव कार्य में चुनौतियां
अग्निशमन विभाग, पुलिस प्रशासन और बचाव दल की संयुक्त टीम प्रयासरत है, लेकिन इलाके की खतरनाक स्थिति और संभावित गैस के खतरे ने बचाव अभियान को बाधित कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
ईसीएल की जिम्मेदारी पर सवाल
इस घटना ने ईसीएल और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे परित्यक्त खदानों को संरक्षित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। घटना स्थल पर उपस्थित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस मामले में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय जनता में आक्रोश
इस दुर्घटना ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। उनका कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता और सुरक्षा उपायों की अनदेखी ने इस घटना को आमंत्रित किया है। जनता अब कार्रवाई और न्याय की मांग कर रही है।















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