
आसनसोल : आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाने ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मोबाइल टावर लगाने और लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। इनके पास से 22 मोबाइल, 2 लैपटॉप, एक डायरी और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दमदम, बागुईहाटी, मध्यमग्राम और जामनगर समेत पांच अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। गिरोह का सरगना संदीप उत्तर 24 परगना जिले का निवासी है, जबकि अन्य नौ आरोपी उत्तर 24 परगना और हुगली जिलों से संबंध रखते हैं।

शिकायत और ठगी का मामला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीसीपी हेडक्वार्टर डॉ. अरविंद कुमार आनंद ने बताया कि 5 मार्च 2023 को हिरण माझी नामक व्यक्ति ने हीरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, राणा मुखर्जी नामक व्यक्ति ने हिरण माझी को मोबाइल टावर स्थापित करने का प्रलोभन दिया और इसके एवज में लगभग 24 लाख रुपये ठग लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे साइबर थाना को स्थानांतरित कर दिया गया।
साइबर थाना प्रभारी विश्वजीत मुखर्जी और उनकी टीम ने लंबे समय तक गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की योजना बनाई। पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरोह के सदस्यों को धर दबोचा।

ठगी का तरीका और गिरोह का संचालन
गिरफ्तार गिरोह संगठित तरीके से ठगी का काम कर रहा था। पांच सदस्य अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लोगों को कॉल कर मोबाइल टावर लगाने और लोन दिलाने का झांसा देते थे। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्य बैंक खातों का विवरण तैयार करने और ठगी से प्राप्त धन को संभालने का काम करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लिया है। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों की गहराई से जांच करेगी।
इस सफलता के बाद पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या प्रस्ताव की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।















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