सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर हिंसक झड़प, पार्षद पर आरोप

Facebook
Twitter
WhatsApp

ghanty

कुल्टी :  आसनसोल नगर निगम के 17 नंबर वार्ड के अंतर्गत सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। स्थानीय निवासियों और वार्ड पार्षद ललन मेहरा पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।

स्थानीय निवासी बुद्धू यादव ने आरोप लगाया कि नंद किशोर यादव और उनके सहयोगियों ने सरकारी भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। जब स्थानीय निवासियों ने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो नंद किशोर यादव और उनके साथियों ने कथित रूप से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।

 

IMG 20240910 WA0035

पार्षद पर हमले का आरोप
बुद्धू यादव का यह भी कहना है कि विवाद के दौरान वार्ड 17 के पार्षद ललन मेहरा ने नंद किशोर यादव और उनके साथियों का समर्थन किया और स्थानीय निवासियों के साथ मारपीट की। बुद्धू यादव के अनुसार, पार्षद ने न केवल कब्जाधारियों का साथ दिया, बल्कि विरोध कर रहे लोगों पर लाठी से हमला भी किया।

पार्षद का स्पष्टीकरण
इस पूरे घटनाक्रम पर जब पार्षद ललन मेहरा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त भूमि सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की है, और नंद किशोर यादव तथा उनके साथी उस पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। पार्षद ने कहा कि उन्होंने केवल सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त रखने का प्रयास किया।

ललन मेहरा ने कहा, “मैंने सरकारी भूमि पर कब्जा रोकने के लिए कदम उठाया। जब कब्जाधारी हम पर हमला करने लगे, तो अपनी आत्मरक्षा के लिए मुझे लाठी उठानी पड़ी। मेरा उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो। मैं चाहता हूं कि उस भूमि पर एक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हो, जिससे स्थानीय जनता को लाभ मिल सके।”

IMG 20240918 WA0025

स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस विवाद ने स्थानीय निवासियों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। उनका कहना है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिशें लंबे समय से जारी हैं, और प्रशासन की उदासीनता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो इस तरह की हिंसक झड़प न होती। वहीं, पार्षद ने भी प्रशासन से आग्रह किया है कि वह इस मामले की जांच करे और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।

स्थिति तनावपूर्ण
घटना के बाद से क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि सरकारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिशें रोकी जा सकें और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।

इस घटना ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता जैसे मुद्दों को उजागर किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को अविलंब कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रण में लाना होगा, ताकि ऐसे विवाद भविष्य में न हों और स्थानीय जनता का विश्वास बहाल हो सके।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 7 6 8
Users Today : 3
Users Yesterday : 14