
आसनसोल : यहां आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन से पधारे पूज्य श्री यशोदानंदन जी महाराज ने भावपूर्ण और हृदय को छूने वाले प्रसंगों से श्रोताओं को आनंदित कर दिया। मंगलवार को कथा का शुभारंभ नारियल फोड़कर और विधिवत पूजन के साथ हुआ। यह शुभ कार्य मुख्य यजमान शंकर सुमन शर्मा, नरेश अग्रवाल, आनंद-सुष्मिता पारीक, प्रभाष-सुनीता गुप्ता, सुजीत-सिंपल गुप्ता, आनंद-पूनम अग्रवाल, कमल-अनीता शर्मा ने किया। एकदिवसीय यजमानों में सुनील-सपना मुकीम, राजेश-पिंकी जालान, और मोहित-पूजा पारीक ने भी श्रद्धाभाव से भाग लिया।

महाराज श्री ने कंस वध के प्रसंग में बताया कि कंस के वध से संसार ने हर्षित होकर विजय का अनुभव किया। उन्होंने कहा कि यह कथा केवल पौराणिक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक मनुष्य को अपने भीतर के कंस यानी बुरे विचारों और नकारात्मक प्रवृत्तियों को समाप्त करना चाहिए। महाराज ने कहा, “यदि हमारे विचारों में भगवान राम जैसे सद्गुण होंगे, तो हमारा जीवन महान बन जाएगा। परंतु यदि हमारे भीतर कंस जैसे विकार आते हैं, तो वे विनाशकारी साबित हो सकते हैं।”

कथा में महाराज श्री ने जल संरक्षण पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा, “जल जीवन का आधार है। यदि हमने जल को सुरक्षित नहीं किया, तो हमारा जीवन संकट में पड़ जाएगा। भगवान की भक्ति के साथ-साथ राष्ट्रहित के प्रति जागरूक रहना हर भक्त का कर्तव्य है।”

इस दिन कृष्ण और रुक्मिणी की भव्य झांकी ने कथा में उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मनमोहक झांकी के दर्शन कर भक्तगण भावविभोर हो गए। आयोजकों ने जानकारी दी कि बुधवार को कथा का समय प्रातः 10 बजे से होगा, जिसमें हवन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
श्रीमद्भागवत कथा के इन प्रसंगों ने न केवल आध्यात्मिकता को प्रोत्साहित किया, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।















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