
आसनसोल : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्य संपादक वी. शिवदासन दासू ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सच का आईना दिखाया। उन्होंने सबसे पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं और आसनसोल वासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि व्यक्तिगत कारणों से वह कुछ समय से सार्वजनिक रूप से सक्रिय नहीं थे।
दासू ने कहा कि भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सरकार के खिलाफ लगातार बयानबाजी की है। आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज प्रकरण से लेकर राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं तक पर सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के इन हमलों के दौरान टीएमसी के किसी भी नेता या पदाधिकारी ने ममता बनर्जी और पार्टी के पक्ष में कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी, जो कि चिंताजनक है।

दासू ने तीखी आलोचना करते हुए कहा कि टीएमसी में हर नेता और कार्यकर्ता जो भी स्थान प्राप्त कर सका है, वह ममता बनर्जी के नेतृत्व का परिणाम है। ऐसे में हर सदस्य का कर्तव्य बनता है कि जब भी विपक्षी दल ममता बनर्जी या टीएमसी के खिलाफ कोई झूठ फैलाए, तो उसका जोरदार विरोध किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कई जनकल्याणकारी परियोजनाएं शुरू की हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को इन योजनाओं की जानकारी देने में टीएमसी कार्यकर्ता विफल रहे हैं। दासू ने कहा कि वर्तमान में संगठन में वह सक्रियता नहीं दिख रही है जो पहले हुआ करती थी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले ब्लॉक और जिला स्तर पर नियमित बैठकें होती थीं, जिससे जनता के साथ मजबूत जनसंपर्क बना रहता था।
दासू ने स्पष्ट किया कि उनकी बातें कुछ लोगों को कड़वी लग सकती हैं, लेकिन वे हमेशा सच बोलने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए सक्रियता बढ़ाना और जनसंपर्क को मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने भरोसा जताया कि बंगाल की जनता 2026 में भी टीएमसी को दो-तिहाई बहुमत से विजयी बनाएगी, लेकिन इसके लिए हर स्तर पर संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा की जबरदस्त सक्रियता के बावजूद ममता बनर्जी पर जनता ने भरोसा जताया।
दासू ने अंत में कहा कि टीएमसी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में कई चुनौतियों का सामना कर विजय प्राप्त की है, लेकिन अब जमीनी स्तर पर संगठन को अपनी भूमिका निभानी होगी। जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए हर कार्यकर्ता को पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुटना होगा।















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