
आसनसोल : भारतीय रेलवे द्वारा अपने व्यापक नेटवर्क में सुरक्षा, संरक्षा और निगरानी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पूर्व रेलवे ने अत्याधुनिक वीडियो निगरानी प्रणाली (वीएसएस) परियोजना को क्रियान्वित किया है। इस पहल के तहत सीसीटीवी कैमरों, वीडियो विश्लेषण, फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) तथा डेटा निगरानी उपकरणों जैसी आधुनिकतम तकनीकों का उपयोग किया गया है। यह परियोजना यात्रियों, कर्मचारियों एवं रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु समर्पित है।

इस परियोजना के अंतर्गत हावड़ा मंडल (142 स्टेशन), सियालदह मंडल (142 स्टेशन), आसनसोल मंडल (53 स्टेशन) तथा मालदा मंडल (55 स्टेशन) के विभिन्न स्टेशनों को कवर किया गया है। पूर्व रेलवे में वीएसएस कार्य को दो चरणों में विभाजित किया गया है— प्रथम चरण में 231 स्टेशन तथा द्वितीय चरण में 161 स्टेशनों को शामिल किया गया है। इन 392 स्टेशनों की निगरानी हेतु 30 सर्वर रूम (हावड़ा=10, सियालदह=11, आसनसोल=4 एवं मालदा=5) स्थापित किए गए हैं। अब तक चारों मंडलों के 143 स्टेशनों पर 3764 सीसीटीवी कैमरे, 540 फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) तथा 570 आपातकालीन पैनिक बटन सहित वीडियो विश्लेषण तकनीक को स्थापित कर संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। वीडियो निगरानी प्रणाली (वीएसएस) की प्रमुख विशेषताएँ:

1. सीसीटीवी कवरेज: यह प्रणाली निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करती है: यात्री प्लेटफॉर्म, प्रवेश एवं निकास द्वार, टिकट काउंटर,प्रतीक्षालय, वाहन पार्किंग स्थल: नियंत्रण कक्ष एवं संचालन केंद्र जैसे संवेदनशील क्षेत्र
2. रियल-टाइम निगरानी:कैमरों से प्राप्त वीडियो फीड रेलवे सुरक्षा कर्मियों द्वारा वास्तविक समय में मॉनिटर की जाती है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो पाती है।
3. डेटा अभिलेखन:कैमरों द्वारा कैद किए गए फुटेज को एक निश्चित अवधि के लिए संग्रहीत किया जाता है, जो घटना-विश्लेषण, आपराधिक जांच एवं विशेष घटनाओं की निगरानी में सहायक है।
4. सुरक्षा में वृद्धि:सतत निगरानी के माध्यम से यह प्रणाली, विशेषकर भीड़-भाड़ वाले स्टेशनों पर, यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
5. उन्नत तकनीक का उपयोग:वीएसएस में हाई-डेफिनिशन कैमरे, पैन-टिल्ट-ज़ूम (पीटीजेड) कैमरे, 4के यूएचडी कैमरे तथा स्वचालित वीडियो विश्लेषण जैसी प्रौद्योगिकियों का समावेश है, जो संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, विसंगतियों का पता लगाने तथा सुरक्षा हेतु चेहरा पहचानने (एफआरएस) में सहायक हैं।

वीडियो निगरानी प्रणाली (वीएसएस) के लाभ:वीएसएस परियोजना चोरी, तोड़फोड़ एवं अन्य असामाजिक गतिविधियों को रोकने में सहायक है। यह आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित कर यात्रियों की सुरक्षा में सुधार करती है। इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली द्वारा संग्रहीत डेटा कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपराध सुलझाने में सहायता प्रदान करता है। सतत निगरानी के माध्यम से यह प्रणाली रेलवे परिचालन में दक्षता सुनिश्चित करती है, जिससे ट्रेन सेवाओं का सुचारु संचालन संभव हो पाता है।
पूर्व रेलवे द्वारा आरंभ की गई यह पहल सुरक्षा और संरक्षा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कदम है, जो यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।















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