दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। गुरुवार को दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी Laxman Chandra Ghorui ने अनोखे अंदाज में चुनाव प्रचार कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जनसंपर्क अभियान के दौरान उन्होंने एक स्थानीय दुकान पर रुककर स्वयं चॉप तलकर लोगों से संवाद किया। उनके इस अंदाज की पूरे क्षेत्र में चर्चा रही।

दुर्गापुर पश्चिम क्षेत्र के अमराई मोड़ के निकट प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी अचानक एक चाय-नाश्ते की दुकान पर पहुंचे। वहां उन्होंने दुकान संचालक से बातचीत की और फिर खुद कढ़ाई संभालकर चॉप तलने लगे। इस दौरान आसपास मौजूद लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। कई लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए और प्रत्याशी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
स्थानीय लोगों का कहना था कि इस प्रकार का प्रचार अभियान क्षेत्र में कम ही देखने को मिलता है। कुछ लोगों ने इसे आम जनता से जुड़ने की सहज कोशिश बताया, तो कुछ ने इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा माना। कुल मिलाकर प्रत्याशी का यह अंदाज चर्चा का विषय बन गया।
मीडिया से बातचीत में Laxman Chandra Ghorui ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में उद्योगों की स्थिति कमजोर हुई है और युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में उद्योगों का विस्तार हुआ होता तो युवाओं को छोटे-छोटे रोजगारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर नए उद्योग स्थापित करने, निवेश बढ़ाने और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने की दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने दावा किया कि दुर्गापुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र को फिर से विकास की मुख्यधारा में लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि दुर्गापुर कभी उद्योग और रोजगार का बड़ा केंद्र माना जाता था, लेकिन अब यहां नई संभावनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। भाजपा इस दिशा में ठोस योजना लेकर जनता के बीच आई है।

दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के इस प्रचार अंदाज पर पलटवार किया। दुर्गापुर पश्चिम से तृणमूल उम्मीदवार Kabita Dutta ने भाजपा की आलोचना को पुराना राजनीतिक तरीका बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय इस तरह के प्रतीकात्मक कार्यक्रम किए जाते हैं, जबकि जनता विकास कार्यों के आधार पर निर्णय लेती है।
तृणमूल उम्मीदवार ने हल्के अंदाज में कहा कि यदि भाजपा प्रत्याशी ने चॉप बनाया है तो यह अच्छी बात है, कभी अवसर मिला तो वह उसका स्वाद भी लेंगी। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल और बढ़ गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में प्रतीकात्मक प्रचार शैली हमेशा प्रभावशाली रही है। कभी चाय पर चर्चा, कभी पदयात्रा, तो कभी सड़क किनारे दुकानों पर रुककर संवाद—ऐसे अभियान आम मतदाताओं से जुड़ने का माध्यम बनते हैं।
दुर्गापुर पश्चिम सीट इस बार चर्चित मुकाबलों में गिनी जा रही है। भाजपा और तृणमूल दोनों दल यहां पूरी ताकत लगा रहे हैं। ऐसे में छोटे-छोटे प्रचार कार्यक्रम भी चुनावी चर्चा का केंद्र बन रहे हैं।















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