पांडेश्वर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट प्रमुख चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है। गुरुवार को भाजपा प्रत्याशी Jitendra Tiwari ने क्षेत्र के लिए ‘पंच पांडव जल परियोजना’ नामक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा कर चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दे दिया। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या पानी की कमी है और यदि जनता उन्हें अवसर देती है तो इसका स्थायी समाधान किया जाएगा।
जनसंपर्क अभियान के दौरान Jitendra Tiwari ने विभिन्न गांवों और बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि जहां भी वे पहुंचे, लोगों ने सबसे पहले पेयजल संकट की शिकायत की। कई इलाकों में गर्मी के मौसम में पानी की समस्या गंभीर रूप ले लेती है और महिलाओं को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता है।
भाजपा प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद वर्तमान जनप्रतिनिधियों ने बुनियादी सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी Narendra Nath Chakraborty पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार बनती है तो पांडेश्वर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। ‘पंच पांडव जल परियोजना’ के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार अजय नदी को जल स्रोत के रूप में विकसित किया जाएगा। वहां से पानी उठाकर शोधन संयंत्रों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों तक आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए उन्नत पंपिंग प्रणाली और पाइपलाइन नेटवर्क तैयार करने की बात कही गई है।
भाजपा प्रत्याशी के अनुसार इस परियोजना से केंद्रा, बैद्यनाथपुर, नवग्राम, बहुला, छोरा, हरिपुर और लाउदोहा सहित 12 टाउन जोन के लगभग 60 हजार परिवारों को लाभ मिल सकता है। योजना में पांडेश्वर स्थित डालुरबांध क्षेत्र में 70 एमएलडी क्षमता वाला जल शोधन संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
इसके अतिरिक्त विभिन्न क्षेत्रों में 12 ओवरहेड जलाशय बनाए जाने की बात कही गई है, ताकि जल भंडारण और नियमित वितरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत काफी हद तक समाप्त हो सकती है।
Jitendra Tiwari ने कहा कि स्वच्छ जल केवल सुविधा नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने दावा किया कि घर-घर नल से पानी पहुंचने पर महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक राहत मिलेगी, क्योंकि वर्तमान में उन्हें जल संग्रह में समय और श्रम देना पड़ता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पांडेश्वर क्षेत्र में पेयजल, सड़क, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रमुख चुनावी मुद्दे हैं। ऐसे में जल संकट पर केंद्रित यह घोषणा भाजपा की रणनीतिक पहल मानी जा रही है।
वहीं विरोधी दलों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जनता अब काम के आधार पर फैसला करेगी। क्षेत्र में आगामी दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, गुरुवार को घोषित ‘पंच पांडव जल परियोजना’ ने पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी चर्चा को नई दिशा दे दी है। अब देखना होगा कि मतदाता इस वादे को कितना भरोसेमंद मानते हैं और मतदान में इसका कितना प्रभाव दिखाई देता है।

















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